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जाने बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में ‘सबएयर सिस्टम’ भारी बारिश के बाद, जल्द से जल्द मैच शुरू करवाने में कैसे मदद करता है?

जाने बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में ‘सबएयर सिस्टम’ भारी बारिश के बाद, जल्द से जल्द मैच शुरू करवाने में कैसे मदद करता है?

M Chinnaswamy Stadium (Image Credit- Twitter X)

बेंगलुरू के ऐतिहासिक एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में क्रिकेट की वापसी हो रही है। बता दें कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच शुरू होने वाली तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मैच 16 अक्टूबर से यहां पर खेला जाएगा।

हालांकि, फैंस के लिए घबराने की बात ये है कि मैच के शुरू होने से एक दिन पहले ही स्टेडियम में बारिश हो रही है। इसके अलावा खेल के सभी दिन बारिश की संभावना है। ऐसे में फैंस के मन में सवाल आ रहा है कि स्टेडियम में मैच होगा या नहीं?

लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बेंगलुरू के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में, देश में मौजूद सभी स्टेडियमों में से बेहतर उत्कृष्ट जल निकासी सुविधा मौजूद है। स्टेडियम में मौजूद इस सुविधा को ‘सबएयर सिस्टम’ के नाम से जानते हैं। आइए आपको बताते हैं कि यह कैसे काम करता है:

एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम बेंगलुरु में किस जल निकासी प्रणाली का उपयोग किया जाता है?

बता दें कि कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) सबएयर सिस्टम की मदद से, स्टेडियम हमेशा तैयार रहने में सक्षम है, जिसका संचालन पूरी तरह से डिजिटल है। यहां पर मौसम की बदलती परिस्थितियों के साथ संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए विभिन्न तरीकों का उपयोग किया जाता है।

इस सबएयर सिस्टम के बारे में बात करें, तो यह मैदान पर मौजूद जमीन के मुख्य आधार के रूप में रेत के साथ काम करता है। परिणामस्वरूप, जल निकासी के बुनियादी ढांचे के काम को सुचारू करने के लिए प्रतिष्ठित क्षेत्र में पारंपरिक लाल-मिट्टी को रेत से बदल दिया गया है। परंपरागत मिट्टी के बजाए रेत पानी को होल्ड करके नहीं रखती है। इस वजह से इस मैदान पर भारी बारिश के बाद ज्यादा पानी देखने को नहीं मिलता है और आउटफील्ड भी ज्यादा गीला नहीं होता।

इसके अलावा स्टेडियम में मौजूद बारिश के पानी के निकास के लिए 200-हॉर्सपावर की मशीन द्वारा चलती है, जो प्रति मिनट 10,000 लीटर पानी निकालने के लिए पर्याप्त है। यह विश्व स्तरीय ऑपरेशन, भारी बारिश के बाद भी मिनटों के भीतर आउटफील्ड को खेल के लिए तैयार करने में बहुत मदद करता है।

स्टेडियम में मौजूद इस सिस्टम की वजह से यहां पर होने वाले बहुत से मैच रद्द होने से बचे हैं। KSCA ने इस सिस्टम को साल 2015 में भारत बनाम साउथ अफ्रीका मैच, 1 दिन की बारिश की वजह से रद्द होने के बाद, स्थापित करने का फैसला किया था। इस सिस्टम के बनने के बाद चाहे कितनी भी बारिश हो जाए, लेकिन अगर बारिश रुकी तो मैदान पर सिर्फ आधे घंटे से भी कम समय के अंदर खेल को दोबारा से शुरू किया जा सकता है।

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