

मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) को भारत के प्रीमियम फास्ट बॉलर मैच विनर्स में से एक के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने 64 मैचों में 229 विकेट के साथ अपना टेस्ट करियर समाप्त किया। जबकि उनकी सीम प्रेजेंटेशन और रिवर्स स्विंग ने अक्सर वर्ल्ड क्लास बैटिंग लाइन-अप्स को खूब परेशां किया, बल्ले के साथ उनके दमदार कंट्रिब्यूशंस ने अक्सर भारत के फेवर में मोमेंटम बदला। 74.63 की आक्रामक स्ट्राइक रेट से 750 रन बनाते हुए, शमी ने लोअर ऑर्डर में महत्वपूर्ण पारियां खेलीं जब भारत को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। आइए, टेस्ट क्रिकेट में मोहम्मद शमी के बल्ले से दिए गए उन 3 सबसे अहम कंट्रिब्यूशंस पर नजर डालते हैं।
1. 56* बनाम इंग्लैंड (लॉर्ड्स, 2021)
‘होम्व ऑफ क्रिकेट’ (लॉर्ड्स) में, 5वें दिन भारत भारी दबाव में था। टीम 209/8 के स्कोर पर संघर्ष कर रही थी और उसके पास बहुत मामूली बढ़त थी। इंग्लैंड की अटैकिंग शॉर्ट-बॉल बॉलिंग का सामना करते हुए, शमी ने जसप्रीत बुमराह के साथ मिलकर 9वें विकेट के लिए 89 रनों की शानदार अटूट साझेदारी की।
उन्होंने 70 गेंदों पर 56* रन बनाए, जो उनका टेस्ट क्रिकेट में अब तक का सर्वोच्च स्कोर है। उन्होंने मोईन अली की गेंद को स्टैंड्स में भेजकर अपना अर्धशतक पूरा किया। इस काउंटर अटैक ने मैच का रुख बदल दिया, जिससे भारत को पारी डिक्लेअर करने का मौका मिला। इसके बाद भारत ने इंग्लैंड को 120 रनों पर समेट दिया और 151 रनों की एक यादगार जीत दर्ज की।
2. 51* बनाम इंग्लैंड (ट्रेंट ब्रिज, नॉटिंघम, 2014)
इंग्लैंड के अपने पहले टेस्ट दौरे के दौरान, जब भारत का स्कोर 346/9 हो गया था, तब शमी ने लोअर ऑर्डर के बल्लेबाज के रूप में शानदार जुझारूपन दिखाया। 11वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए, उन्होंने भुवनेश्वर कुमार के साथ मिलकर 10वें विकेट के लिए 111 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी की। शमी ने 81 गेंदों में 6 चौके और 1 छक्का जड़ा और 51 रन बनाकर नाबाद रहे थे। उनकी इस पारी की बदौलत भारत अपनी पहली पारी में 457 रनों के मजबूत स्कोर तक पहुंच सका।
3. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 37 रन (नागपुर, 2023)
2023 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पहले टेस्ट में, भारत 328/8 के स्कोर पर था। टीम के पास अच्छी बढ़त तो थी, लेकिन वे पूरी तरह से दबदबा बनाना चाहते थे। अक्षर पटेल का साथ देते हुए, शमी ने केवल एक टैलेंडर बल्लेबाज की तरह खेलने के बजाय अटैकिंग रुख अपनाया। उन्होंने सिर्फ 47 गेंदों पर 37 रन बनाए, जिसमें दो चौके और तीन शानदार छक्के शामिल थे। उन्होंने 52 रनों की साझेदारी निभाई, जिससे भारत का स्कोर 400 तक पहुंच गया और टीम के लिए पारी से जीत की राह आसान हो गई।
यह भी पढ़ें – ‘उसे टीम में होना चाहिए था’ मोहम्मद शमी के टेस्ट संन्यास लेने के बाद रवि शास्त्री ने सेलेक्टर्स पर साधा निशाना
‘2027 वर्ल्ड कप टीम के प्रबल दावेदार’ – अश्विन ने की तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज की तारीफ
‘उसे टीम में होना चाहिए था’ मोहम्मद शमी के टेस्ट संन्यास लेने के बाद रवि शास्त्री ने सेलेक्टर्स पर साधा निशाना
NZ vs IND: दूसरे वनडे में भारत ने न्यूजीलैंड को 134 रनों पर किया ढेर, गुरनूर ने झटके 4 विकेट
उस्मान ख्वाजा ने किया बड़ा खुलासा, 2018 केप टाउन बाॅल टेम्परिंग में पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम थी शामिल 

