

भारत ने हाल ही में हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में अपना पहला महिला वनडे विश्व कप खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। इस जीत के बाद भी पूर्व भारतीय कप्तान शांथा रंगास्वामी का मानना है कि अब टीम को भविष्य की तैयारी के लिए नई दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।
उनका कहना है कि स्मृति मंधाना को भारतीय टीम की कप्तानी सौंपनी चाहिए ताकि आने वाले वर्षों में टीम और मजबूत हो सके। शांथा रंगास्वामी, जो भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पहली कप्तान रह चुकी हैं, उनका मानना है कि हरमनप्रीत एक शानदार बल्लेबाज और बेहतरीन फील्डर हैं,
लेकिन रणनीतिक फैसलों में कभी कभी वह असमंजस में पड़ जाती हैं। उनके अनुसार, कप्तानी का बोझ हटने से हरमनप्रीत और भी बेहतर बल्लेबाजी कर पाएंगी और टीम के लिए बड़ी भूमिका निभा सकेंगी।
भारतीय क्रिकेट के भविष्य को देखते हुए यह सही समय है: रंगास्वामी
उन्होंने कहा, यह बदलाव थोड़ा देर से आ रहा है। हरमनप्रीत एक जबरदस्त खिलाड़ी हैं, लेकिन कभी कभी कप्तानी का दबाव उनके खेल को प्रभावित करता है। अगर वह बिना इस बोझ के खेलेंगी, तो टीम के लिए और अधिक उपयोगी साबित होंगी।
अभी जब टीम ने वर्ल्ड कप जीता है, तो यह निर्णय सबको अच्छा नहीं लगेगा, लेकिन भारतीय क्रिकेट के भविष्य को देखते हुए यह सही समय है। रंगास्वामी का मानना है कि स्मृति मंधाना के पास नेतृत्व की परिपक्वता और निरंतरता दोनों हैं, जिससे टीम को स्थिरता मिलेगी।
उन्होंने कहा, स्मृति को तीनों प्रारूपों की कप्तान बनाना चाहिए। वर्ल्ड कप जीतना बड़ी बात है, लेकिन अब समय है कि हम अगली पीढ़ी के लिए टीम तैयार करें और कोर ग्रुप को और मजबूत बनाएं। गौरतलब है कि हाल ही में नवी मुंबई में खेले गए फाइनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराया।
स्मृति मंधाना ने टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए नौ पारियों में 434 रन बनाए और टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाई। अब भारत आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए तैयारी कर रहा है, जहां तीन टी20, तीन वनडे और एक टेस्ट मैच खेला जाएगा।
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