
Ian Chappell (Image Credit- Twitter X)
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC), जो विश्व क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था है, हर चार साल में 50 ओवर का विश्व कप, हर दो साल में टी20 विश्व कप और चार साल के अंतराल में चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन करती है। आगामी चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन 19 फरवरी से पाकिस्तान में होगा। इसके अलावा, आईसीसी हर दो साल में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का आयोजन करती है, जिसमें दो वर्षों में एक चक्र पूरा होता है।
हाल ही में, टेस्ट क्रिकेट में दो-स्तरीय सिस्टम (टू-टियर सिस्टम) लागू करने की खबरों के बाद बहस शुरू हो गई है। इस प्रणाली के तहत, टेस्ट खेलने वाले देशों को दो समूहों – टियर 1 और टियर 2 – में बांटने की बात कही जा रही है।
इस प्रस्ताव की आलोचना की जा रही है, क्योंकि इसे वेस्टइंडीज और अफगानिस्तान जैसे कम संसाधन वाले क्रिकेट बोर्डों के लिए नुकसानदेह माना जा रहा है। आलोचकों का मानना है कि यह प्रणाली केवल भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसे शीर्ष क्रिकेट बोर्डों की जरूरतों को पूरा करेगी, जिन्हें टियर 1 में रखा जाएगा।
इयान चैपल ने आईसीसी पर साधा निशाना
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान इयान चैपल ने इस प्रस्ताव पर तीखी प्रतिक्रिया दी और आईसीसी पर समय पर ऐसा सिस्टम लागू न करने के लिए निशाना साधा। उन्होंने आईसीसी को एक ‘इवेंट मैनेजमेंट कंपनी’ करार दिया।
चैपल ने वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर माइकल होल्डिंग द्वारा उठाए गए उस मुद्दे का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने आईसीसी से केवल क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करने और फीफा (फुटबॉल की वैश्विक संस्था) से प्रेरणा लेने की अपील की थी।
चैपल ने यह भी आरोप लगाया कि आईसीसी अमीर भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की कठपुतली बन चुका है और टूर्नामेंट्स का शेड्यूल उनकी इच्छानुसार तैयार करता है।
विवाद के बीच आईसीसी पर सवाल
आईसीसी के इस प्रस्ताव ने क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ दी है। जहां कुछ इसे टेस्ट क्रिकेट को संरक्षित करने का कदम मानते हैं, वहीं अन्य इसे छोटे बोर्डों के खिलाफ भेदभाव बताते हैं। इस पर आगे का निर्णय आने वाले महीनों में देखने को मिलेगा।
चैपल ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो में अपने कॉलम में लिखा
“द्विस्तरीय टेस्ट प्रणाली के विषय पर, वेस्टइंडीज के पूर्व तेज गेंदबाजी चैंपियन माइकल होल्डिंग ने कहा, अपनी सभी गलतियों के बावजूद फीफा कम से कम फुटबॉल का संचालन तो करता है। आईसीसी को भी क्रिकेट का संचालन करना चाहिए। इससे एक जटिल समस्या जुड़ी है। आईसीसी क्रिकेट का संचालन नहीं करती है और जब तक कोई बड़ा हृदय परिवर्तन नहीं होता है तब तक आर्थिक रूप से संपन्न देश अपने स्वार्थ के लिए कार्यक्रम तैयार करते रहेंगे।”
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान इयान चैपल ने टेस्ट क्रिकेट में प्रस्तावित दो-स्तरीय प्रणाली (टू-टियर सिस्टम) पर अपनी राय दी है। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली को कई साल पहले लागू हो जाना चाहिए था। चैपल का मानना है कि मौजूदा वित्तीय असमानता और बड़े क्रिकेट बोर्डों के दबदबे ने छोटे और कमजोर बोर्डों के विकास में बाधा पहुंचाई है।
वित्तीय असमानता पर की तीखी टिप्पणी
चैपल ने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया की तीन बड़ी टीमें – भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड – आईसीसी की कुल आय का बड़ा हिस्सा लेती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत अकेले आईसीसी की कुल आय में लगभग 70% योगदान देता है, जिसकी वजह से आईसीसी में उसकी मजबूत स्थिति है। उन्होंने कहा, “बड़े क्रिकेट बोर्ड, जो पहले से ही सबसे अमीर हैं, आईसीसी की आमदनी का बड़ा हिस्सा ले रहे हैं और अब वे इससे भी अधिक हिस्सेदारी की मांग कर रहे हैं। यह एक जटिल मुद्दा है जिसका समाधान अब तक नहीं निकाला गया है।”
टेस्ट क्रिकेट में बदलाव की जरूरत
इयान चैपल का मानना है कि पांच दिन के इस खेल में लंबे समय तक प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता केवल सीमित टीमों में है।
उन्होंने कहा, “टेस्ट क्रिकेट को दो डिवीजनों में बांटना लंबे समय से जरूरी था। केवल कुछ ही टीमें हैं जो टेस्ट क्रिकेट में लंबे समय तक प्रतिस्पर्धा कर सकती हैं। प्रस्तावित दो-स्तरीय प्रणाली से भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी बड़ी टीमों के बीच अधिक उच्च-स्तरीय मुकाबले सुनिश्चित किए जा सकते हैं।”
चैपल का बयान क्रिकेट के मौजूदा वित्तीय ढांचे और टेस्ट क्रिकेट के भविष्य पर गहरी चिंता को दर्शाता है। उन्होंने छोटे बोर्डों को समर्थन देने की जरूरत पर जोर दिया, जिससे खेल को और अधिक समावेशी बनाया जा सके। आईसीसी इस पर क्या निर्णय लेता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
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