
Brendon McCullum (Image credit Twitter – X)
इंग्लैंड के मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम ने स्वीकार किया है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज के पहले दो टेस्ट मैचों में उनकी टीम अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर के आसपास भी नहीं खेल पाई है। इसके बावजूद उन्होंने साफ कहा कि न तो उनकी नौकरी खतरे में है और न ही टीम अपनी खेलने की शैली में कोई बड़ा बदलाव करने जा रही है।
इंग्लैंड को पर्थ और ब्रिस्बेन में खेले गए पहले दो टेस्ट मैचों में करारी हार का सामना करना पड़ा। दोनों मुकाबले ऑस्ट्रेलिया ने आठ विकेट से जीते। अब पांच मैचों की इस सीरीज को जीवित रखने के लिए इंग्लैंड को एडिलेड टेस्ट हर हाल में जीतना होगा।
मैकुलम ने बताया कि टीम टॉप-7 बल्लेबाजों में कोई बदलाव नहीं करेगी। खराब फॉर्म से जूझ रहे ओली पोप को नंबर तीन पर ही मौका दिया जाएगा और जैकब बेथेल को शामिल नहीं किया जाएगा। कोच ने कहा कि जल्दबाजी में फैसले लेना और बार-बार टीम बदलना उनकी सोच का हिस्सा नहीं है।
उन्होंने माना कि टीम अब तक पर्याप्त रन नहीं बना पाई है, लेकिन जो चीज़ें पिछले कुछ सालों में उनके लिए काम करती आई हैं, उन्हें छोड़ना सही नहीं होगा। मैकुलम ने यह भी कहा कि टीम की तैयारी और जज्बे पर सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन ड्रेसिंग रूम के अंदर भरोसा अब भी बना हुआ है।
आलोचना के बीच मैकुलम को अपनी रणनीति पर पूरा भरोसा
ब्रिस्बेन टेस्ट से पहले ज्यादा ट्रेनिंग करने और हार के बाद नूसा बीच पर ब्रेक लेने के फैसले पर भी काफी आलोचना हुई। हालांकि, मैकुलम ने इसका बचाव करते हुए कहा कि यह ब्रेक पहले से तय था और खिलाड़ियों को मानसिक रूप से तरोताज़ा करने के लिए जरूरी था।
अपनी नौकरी को लेकर उठ रहे सवालों पर मैकुलम ने बेफिक्री दिखाई। उन्होंने कहा कि प्रोफेशनल खेल आसान नहीं होता और कोच को अपने फैसलों पर भरोसा रखना चाहिए। अंत में मैकुलम ने कहा कि अगर इंग्लैंड अपनी पूरी क्षमता के साथ खेले, तो वे एडिलेड टेस्ट जीत सकते हैं। उनका मानना है कि एक जीत के साथ ही पूरी सीरीज की कहानी बदल सकती है।
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