Skip to main content

ताजा खबर

सौरव गांगुली के क्रिकेट करियर के 4 ऐसे यादगार पल, जिन्होंने दुनिया को दिखाया उनका बेखौफ अंदाज

 Sourav Ganguly(Image credit Twitter - X)
Sourav Ganguly(Image credit Twitter – X)

1. भारतीय क्रिकेट की सोच बदलने वाले कप्तान

सौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली कप्तानों में गिना जाता है। उन्होंने ऐसे समय में टीम की कमान संभाली, जब भारतीय क्रिकेट मैच फिक्सिंग विवाद के बाद मुश्किल दौर से गुजर रहा था।  उस समय टीम का आत्मविश्वास भी कमजोर पड़ चुका था। गांगुली ने सिर्फ टीम का नेतृत्व नहीं किया, बल्कि खिलाड़ियों के भीतर जीत का जज्बा भी जगाया।

उन्होंने युवाओं पर भरोसा किया, विदेशी दौरों पर जीत का सपना दिखाया और विरोधी टीमों के सामने कभी न झुकने का रवैया अपनाया। यही वजह है कि उनके कप्तानी कार्यकाल को भारतीय क्रिकेट के नए दौर की शुरुआत माना जाता है।

2. दक्षिण अफ्रीका में दमदार वापसी से दिया करारा जवाब

गांगुली के करियर का सबसे कठिन दौर तब आया, जब तत्कालीन मुख्य कोच ग्रेग चैपल के साथ उनके मतभेद सामने आए। इस विवाद के बाद उनसे कप्तानी छीन ली गई और उन्हें टीम से भी बाहर कर दिया गया। कई लोगों ने मान लिया था कि उनका अंतरराष्ट्रीय करियर खत्म हो चुका है।

लेकिन गांगुली ने हार नहीं मानी। 2006 में दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए उन्हें फिर मौका मिला और उन्होंने शानदार बल्लेबाजी से सभी आलोचकों को जवाब दिया। प्रैक्टिस मैच में बेहतरीन पारी खेलने के बाद उन्होंने जोहानिसबर्ग टेस्ट में नाबाद 51 रन बनाए। उस पारी ने भारत को दक्षिण अफ्रीका की धरती पर पहली टेस्ट जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। यह वापसी उनके आत्मविश्वास और मजबूत मानसिकता की सबसे बड़ी मिसाल बनी।

 3. स्टीव वॉ को इंतजार कराकर खेला मानसिक खेल

2001 की ऐतिहासिक बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान एक दिलचस्प घटना बार-बार देखने को मिली। गांगुली कई बार टॉस के लिए देर से पहुंचे, जिससे ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ को इंतजार करना पड़ा। बाद में स्टीव वॉ ने अपनी आत्मकथा में लिखा कि उन्हें लगा गांगुली जानबूझकर ऐसा कर रहे थे, ताकि ऑस्ट्रेलियाई टीम पर मानसिक दबाव बनाया जा सके।

हालांकि, गांगुली ने बाद में बताया कि टीम का आधिकारिक ब्लेजर ढूंढने में देरी हो जाती थी। वजह चाहे जो भी रही हो, लेकिन इस घटना ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को जरूर परेशान किया। उस सीरीज में भारत ने ऑस्ट्रेलिया की लगातार 16 टेस्ट जीत का सिलसिला भी खत्म कर दिया था।

4. नेटवेस्ट फाइनल

साल 2002 की नेटवेस्ट ट्रॉफी फाइनल भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार मुकाबलों में से एक है। इंग्लैंड ने भारत के सामने 326 रन का बड़ा लक्ष्य रखा था। शुरुआती झटकों के बाद युवराज सिंह और मोहम्मद कैफ ने शानदार साझेदारी कर मैच पलट दिया। कैफ ने अंत तक नाबाद रहते हुए भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई।

जैसे ही भारत ने जीत हासिल की, गांगुली लॉर्ड्स की बालकनी में पहुंचे और अपनी टी-शर्ट उतारकर हवा में लहराने लगे। यह दृश्य क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित तस्वीरों में शामिल हो गया। दरअसल, यह इंग्लैंड के ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ के उस जश्न का जवाब था, जो उन्होंने कुछ महीने पहले मुंबई में मनाया था।

गांगुली का यह जश्न सिर्फ जीत का उत्सव नहीं था, बल्कि दुनिया को यह संदेश भी था कि अब भारतीय टीम किसी भी चुनौती का जवाब उसी अंदाज में देना जानती है। उनकी यही निडर सोच आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनी।

আরো ताजा खबर

इंग्लैंड में भारतीय टीम को लगा बड़ा झटका, लाॅर्ड्स टेस्ट मैच से ये खिलाड़ी बाहर

Pratika Rawal (Image credit Twitter – X) इंग्लैंड दौरे पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम को ऐतिहासिक लॉर्ड्स टेस्ट से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम की भरोसेमंद सलामी बल्लेबाज प्रतिका...

भारत के खिलाफ लाॅर्ड्स टेस्ट मैच के बाद संन्यास लेगी ये दिग्गज क्रिकेटर 

Tammy Beaumont (Image Credit- Twitter X) इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम की दिग्गज क्रिकेटर टैमी ब्यूमोंट (Tammy Beaumont) ने हाल में ही घोषणा की है कि वह भारतीय महिला टीम के...

8 जुलाई, Evening News Headlines: आज शाम तक की सभी ताजा खबरें क्रिकेट जगत से

Evening News Headlines (Image Credit- Twitter X) 1. ENG vs IND: इस वजह से हार रही है टीम इंडिया, जोफ्रा आर्चर ने बताई बड़ी वजह इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा...

जानें कितनी संपत्ति के मालिक हैं ‘प्रिंस ऑफ कलकत्ता’? आज मना रहे हैं अपना 54वां जन्मदिन, करते हैं मोटी कमाई

Sourav Ganguly Net Worth (image via getty) क्रिकेट पिच से संन्यास लेने के कई साल बाद भी, भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का बिजनेस की दुनिया में बड़ा...