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शापूर जादरान को काबुल में नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई, साथी खिलाड़ियों ने दिया कंधा

Shapoor Zadran final tribute (Image credit Twitter - X)
Shapoor Zadran final tribute (Image credit Twitter – X)

अफगानिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान को गुरुवार को काबुल के मरंजन हिल कब्रिस्तान में पूरे सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उनके अंतिम संस्कार में हजारों लोग शामिल हुए। परिवार, दोस्तों, अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) के अधिकारी और मौजूदा व पूर्व क्रिकेटरों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

राशिद खान, हमीद हसन, असगर अफगान, मोहम्मद नबी और समीउल्लाह शिनवारी जैसे कई दिग्गज खिलाड़ी भी अंतिम विदाई देने पहुंचे। शापूर जादरान का 38 वर्ष की उम्र में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। उनका पार्थिव शरीर भारत से काबुल लाया गया, जहां एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों और परिवार के सदस्यों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद ईदगाह मस्जिद में जनाज़े की नमाज अदा की गई।

अफगान क्रिकेट की मजबूत नींव रखने वाले खिलाड़ी

शापूर जादरान को आधुनिक अफगानिस्तान क्रिकेट के शुरुआती नायकों में गिना जाता है। उन्होंने 2009 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया और 2020 तक देश का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान उन्होंने तीनों प्रारूपों को मिलाकर 80 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले।

वनडे क्रिकेट में उनके नाम 43 विकेट और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 37 विकेट दर्ज हैं। ऐसे समय में उन्होंने टीम के लिए अहम भूमिका निभाई, जब अफगानिस्तान विश्व क्रिकेट में अपनी पहचान बना रहा था।

विश्व कप 2015 की ऐतिहासिक जीत के हीरो

शापूर जादरान के करियर का सबसे यादगार पल 2015 वनडे विश्व कप रहा। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 10 विकेट लेकर अफगानिस्तान के सबसे सफल गेंदबाज का गौरव हासिल किया। वहीं स्कॉटलैंड के खिलाफ मैच में उन्होंने विजयी रन बनाकर अफगानिस्तान को पुरुष वनडे विश्व कप इतिहास की पहली जीत दिलाई। यह जीत देश के क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जाती है।

क्रिकेट जगत ने दी श्रद्धांजलि

जादरान के निधन पर दुनिया भर के क्रिकेट जगत ने शोक व्यक्त किया। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें देश के क्रिकेट की नींव रखने वाले खिलाड़ियों में से एक बताया। वहीं ICC के चेयरमैन जय शाह और कई क्रिकेट बोर्डों ने भी उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।

उनके सम्मान में अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने शपगीज़ा क्रिकेट लीग के दो दिन के मुकाबले भी स्थगित कर दिए। शापूर जादरान भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन अफगानिस्तान क्रिकेट को नई पहचान दिलाने में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

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