

पूर्व भारतीय बल्लेबाज मनोज तिवारी ने टीम इंडिया में खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘सीखते हुए खेलने’ की नीति पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने खासतौर पर तेज गेंदबाज हर्षित राणा का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत जैसी मजबूत टीम में इस तरह के प्रयोग टीम की गेंदबाजी की गुणवत्ता को नुकसान पहुँचा सकते हैं। तिवारी का मानना है कि हर्षित राणा से मोहम्मद शमी की कमी पूरी करने की उम्मीद करना सही नहीं है।
24 वर्षीय हर्षित राणा को भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण का एक उभरता हुआ ऑलराउंड विकल्प माना जा रहा है। हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में वह भारत के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे।
इतना ही नहीं, तीसरे वनडे में उन्होंने मुश्किल हालात में अर्धशतक लगाकर टीम को संभाला भी। उनकी बल्लेबाजी को लेकर काफी तारीफ हुई, लेकिन गेंदबाजी में उनकी रन खर्च करने की आदत पर सवाल लगातार उठ रहे हैं।
मनोज तिवारी ने इनसाइड स्पोर्ट से बातचीत में कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सीखने की जगह नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर कोई गेंदबाज विकेट ले रहा है लेकिन हर मैच में ज्यादा रन भी दे रहा है, तो सिर्फ उसकी बल्लेबाजी के दम पर उसकी तारीफ नहीं की जा सकती।
घरेलू क्रिकेट में मौजूद हैं कई विकल्प: मनोज तिवारी
तिवारी ने आगे कहा- हर्षित राणा को अपनी गेंदबाजी में किफायती करने पर ध्यान देना चाहिए। टीम ने उन पर भरोसा किया है, यह ठीक है, लेकिन वह मोहम्मद शमी नहीं हैं। सिर्फ इसलिए कि वह बल्लेबाजी कर लेते हैं, इसका मतलब यह नहीं कि वह गेंदबाजी में इतने रन लुटाते रहें और फिर बल्लेबाजी से सब कुछ ढक दिया जाए।
आंकड़ों पर नजर डालें तो हर्षित राणा की वनडे इकॉनमी 6.21, टी20 अंतरराष्ट्रीय में 10.17, जबकि टेस्ट क्रिकेट में भी उनकी इकॉनमी 4.5 से ज्यादा है। तिवारी ने कहा कि भारत के पास घरेलू क्रिकेट में कई बेहतरीन गेंदबाज मौजूद हैं, ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों को तैयार करना समझ से परे है।
उन्होंने आगे कहा – जब विकल्प न हों, तब खिलाड़ी को तैयार किया जाता है। लेकिन भारत में गेंदबाजों की कोई कमी नहीं है। गौरतलब है कि मोहम्मद शमी अपने शिखर पर जसप्रीत बुमराह के बाद भारत के सबसे अहम तेज गेंदबाज थे। 2023 वनडे वर्ल्ड कप में उन्होंने 24 विकेट लेकर इतिहास रचा था।
हालांकि, मौजूदा कोच गौतम गंभीर की सोच अलग है। आधुनिक वनडे और टी20 क्रिकेट में वह बल्लेबाजी को नंबर 8 तक मजबूत करना चाहते हैं, और इसी वजह से हर्षित राणा जैसे खिलाड़ी उनकी योजना में फिट बैठते हैं।
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