

भारत के पूर्व तेज गेंदबाज एस. श्रीसंत ने अपने जीवन के सबसे कठिन दौर को याद करते हुए एक भावुक खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि 2013 के आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले के दौरान जब वे जेल में थे, तब उनकी पत्नी भुवनेश्वरी देवी का साथ ही उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखने का सबसे बड़ा कारण था।
श्रीसंत ने कहा कि उस समय उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई थी। उन पर लगे आरोपों और जेल की परिस्थितियों ने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया था। हालांकि, बाद में अदालत ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया, लेकिन उस दौर की यादें आज भी उनके लिए बेहद दर्दनाक हैं।
एक इंटरव्यू में श्रीसंत ने अपनी प्रेम कहानी भी साझा की। उन्होंने बताया कि उनकी और भुवनेश्वरी की पहली मुलाकात 2007 में एक स्कूल कार्यक्रम के दौरान हुई थी। इसके बाद दोनों समय-समय पर मिलते रहे और संपर्क में बने रहे।
श्रीसंत ने बताया कि कई वर्षों तक एक-दूसरे को जानने के बाद दोनों ने सगाई की। खास बात यह रही कि उनकी सगाई उस समय हुई जब श्रीसंत जमानत पर जेल से बाहर आए थे।
जेल के दिनों में नहीं छोड़ा साथ
पूर्व भारतीय गेंदबाज ने बताया कि जब वे कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे, तब भुवनेश्वरी ने उनका हर कदम पर साथ दिया। उन्होंने वकीलों से बात की, जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं में मदद की और लगातार उनका हौसला बढ़ाया।
श्रीसंत ने कहा कि जब पूरी दुनिया उनके खिलाफ नजर आ रही थी, तब उनकी पत्नी और उनके परिवार ने उन पर भरोसा बनाए रखा। यही विश्वास उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देता रहा।
श्रीसंत ने बताया कि दिल्ली पुलिस की हिरासत और तिहाड़ जेल में बिताए गए दिनों ने उन्हें जीवन की सच्चाइयों से रूबरू कराया। उन्होंने महसूस किया कि आम जिंदगी की कई परेशानियां उन कठिन परिस्थितियों के सामने बहुत छोटी हैं।
उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें अपने माता-पिता और परिवार की चिंता सबसे ज्यादा सताती थी। इस अनुभव ने उन्हें मानसिक रूप से पहले से ज्यादा मजबूत बनाया और जीवन को नए नजरिए से देखने की सीख दी।
श्रीसंत भारत की 2007 टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप विजेता टीमों का हिस्सा रहे हैं। मैदान पर सफलता हासिल करने वाले इस खिलाड़ी की यह कहानी बताती है कि कठिन समय में परिवार का साथ किसी भी इंसान को सबसे बड़े संकट से बाहर निकाल सकता है।
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