
Pakistan Cricket Team (Photo Source: Getty Images)
बांग्लादेश ने पाकिस्तान को रावलपिंडी के रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए दूसरे और अंतिम टेस्ट मैच में 6 विकेट से हराया। इस जीत के साथ ही बांग्लादेश ने दो मैच की टेस्ट सीरीज को 2-0 से अपने नाम किया। बांग्लादेश की ओर से इस टेस्ट सीरीज में सभी खिलाड़ियों ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया और अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
वहीं पाकिस्तान के खिलाड़ी बेहतरीन प्रदर्शन दिखाने में नाकाम रहे। दूसरे टेस्ट की बात की जाए तो पहले बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी में पाकिस्तान ने 274 रन बनाए। जवाब में बांग्लादेश का स्कोर उनकी पहली पारी में एक समय 26 रन पर छह विकेट था। हालांकि इसके बाद लिटन दास और मेहदी हसन मिराज ने बहुमूल्य साझेदारी की। इन दोनों खिलाड़ियों ने सातवें विकेट के लिए 165 रनों की साझेदारी की। जहां एक तरफ मेहदी हसन मिराज ने 78 रन बनाए वहीं दूसरी ओर लिटन दास ने 138 रनों का योगदान दिया।
उनकी इस साझेदारी की वजह से बांग्लादेश ने अपनी पहली पारी में 262 रन बनाए। इसके बाद पाकिस्तान अपनी दूसरी पारी में 172 रन पर ऑलआउट हो गया। बांग्लादेश को 185 रनों का लक्ष्य मिला था जो उन्होंने चार विकेट खोकर हासिल कर लिया। आज हम आपको बताते हैं तीन बड़े बदलाव के बारे में जो पाकिस्तान को बांग्लादेश के खिलाफ मिली हार के बाद जरूर से करना चाहिए।
1- इमाम उल हक को वापस लाया जाए
Imam-ul-Haq. (Photo Source: AAMIR QURESHI/AFP via Getty Images)
अनुभवी सलामी बल्लेबाज इमाम उल हक ने पाकिस्तान की ओर से अपना अंतिम मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 मैच की टेस्ट सीरीज में खेला था। पहले दो मैच में इमाम उल हक ने 104 रन बनाए थे जिसमें एक अर्धशतक भी शामिल था। तीसरे टेस्ट में इमाम उल हक को ड्रॉप कर दिया गया था और उनकी जगह सैम अयूब ने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर डेब्यू किया।
सैम अयूब ने पहली पारी में खाता भी नहीं खोला जबकि दूसरी पारी में उन्होंने 33 रन बनाए। इसके बाद ही इमाम उल हक को टीम से बाहर कर दिया गया। बांग्लादेश के खिलाफ पाकिस्तान टीम की ओपनिंग अब्दुल्ला शफीक और सैम अयूब ने की थी लेकिन दोनों ने ही निराशाजनक बल्लेबाजी की।
अब्दुल्ला शफीक के फॉर्म में गिरावट देखने को मिल रही है और पाकिस्तान टीम मैनेजमेंट को इमाम उल हक को टीम में वापस बुलाना चाहिए। इमाम उल हक ने 24 टेस्ट में 37.33 के औसत से 1568 रन बनाए हैं जिसमें तीन शतक शामिल है।
2- शादाब खान को टेस्ट मुकाबलों में भी प्लेइंग XI में शामिल करना चाहिए
Pakistan’s Shadab Khan. (Photo by JEWEL SAMAD/AFP/Getty Images)
पिछले काफी समय से पाकिस्तान को स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर की काफी जरूरत हुई है। हालांकि जिन भी खिलाड़ियों को मौका दिया गया है उन्होंने काफी खराब प्रदर्शन किया है। शादाब खान ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 2017 में अपना टेस्ट डेब्यू किया था और उन्होंने पाकिस्तान की ओर से अपना अंतिम टेस्ट मैच इंग्लैंड के खिलाफ 2020 में खेला था।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को शादाब खान को टेस्ट क्रिकेट में भी ज्यादा से ज्यादा मौके देने चाहिए। उनका फर्स्ट क्लास का रिकॉर्ड भी काफी अच्छा रहा है। व्हाइट बॉल क्रिकेट में शादाब खान पाकिस्तान के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में से एक रहे हैं।
बता दें, शादाब खान ने 17 फर्स्ट क्लास मुकाबलों में 68 विकेट झटके हैं और 595 रन बनाए हैं। पाकिस्तान की ओर से शादाब ने 6 टेस्ट में 14 विकेट झटके हैं और 300 रन बनाए हैं जिसमें तीन अर्धशतक भी शामिल है।
3- शाहीन शाह अफरीदी को अब लगातार खेलने की जरूरत है
Shaheen Afridi (Photo Source: X/Twitter)
इसमें कोई शक नहीं है कि शाहीन शाह अफरीदी पाकिस्तान के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में से एक है। उनका प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हमेशा ही जबरदस्त रहा है और शाहीन ने पाकिस्तान की जीत में अहम भूमिका निभाई है।
जब बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज की घोषणा हुई थी तब शाहीन शाह अफरीदी को उपकप्तान के पद से हटा दिया गया था। बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट में इस अनुभवी खिलाड़ी ने दो विकेट झटके थे।
पाकिस्तान को अब इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैच की टेस्ट सीरीज खेलनी है जिसकी शुरुआत 7 अक्टूबर से हो रही है। इंग्लैंड के खिलाफ शाहीन शाह अफरीदी को पाकिस्तान की ओर से हर मुकाबले में घातक गेंदबाजी करते हुए लगातार अंतराल में विकेट लेने होंगे।
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