
Irfan Pathan and Sunil Gavaskar. (Image Source: BCCI X)
बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) ने हाल ही में भारतीय पुरुष टीम के अनुबंधित खिलाड़ियों के लिए एक 10-सूत्रीय दिशा-निर्देश दस्तावेज जारी किया है। इसका उद्देश्य टीम में अनुशासन, एकता और सकारात्मक माहौल को बढ़ावा देना है।
यह कदम खासतौर पर भारत के टेस्ट क्रिकेट में हालिया प्रदर्शन को देखते हुए उठाया गया है। भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में 3-0 से हार का सामना करना पड़ा था और उसके बाद बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3-1 की हार झेलनी पड़ी।
घरेलू क्रिकेट में भागीदारी अनिवार्य
नई नीति के तहत, खिलाड़ियों के लिए घरेलू क्रिकेट में भाग लेना अनिवार्य कर दिया गया है। बीसीसीआई के दिशा-निर्देश में कहा गया है-
“राष्ट्रीय टीम और केंद्रीय अनुबंध के लिए पात्रता बनाए रखने के लिए घरेलू मैचों में भाग लेना जरूरी है। यह नीति खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट के ढांचे से जोड़ने, प्रतिभा के विकास को बढ़ावा देने, मैच फिटनेस बनाए रखने और समग्र घरेलू ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाई गई है।”
इरफान पठान और सुनील गावस्कर के बयान फिर चर्चा में
पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान और सुनील गावस्कर के पुराने बयान इन नीतियों के संदर्भ में फिर से चर्चा में हैं। पठान ने भारतीय बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन का कारण घरेलू क्रिकेट में भागीदारी की कमी को बताया था।
उन्होंने कहा था, “कई खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट खेल सकते थे, लेकिन उन्होंने नहीं खेला। यह संस्कृति बदलने की जरूरत है। सचिन तेंदुलकर ने भी रणजी ट्रॉफी खेली, जब यह जरूरी नहीं था।”
गावस्कर ने भी भारतीय बल्लेबाजों के घरेलू क्रिकेट न खेलने पर सवाल उठाया था।
उन्होंने कहा था, “23 जनवरी से रणजी ट्रॉफी का अगला दौर शुरू हो रहा है। देखते हैं कितने खिलाड़ी अपनी टीमों के लिए खेलते हैं। अगर ऐसा नहीं हुआ तो कड़े फैसले लेने होंगे।”
कोहली और रोहित की घरेलू क्रिकेट में वापसी?
विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे सीनियर खिलाड़ियों की रणजी ट्रॉफी में भागीदारी पर भी नजरें टिकी हुई हैं। रोहित शर्मा मुंबई की टीम के साथ वानखेड़े स्टेडियम में जम्मू-कश्मीर के खिलाफ मुकाबले से पहले अभ्यास करते नजर आए। वहीं, विराट कोहली का नाम दिल्ली की 22 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है। हालांकि, कोहली की उपलब्धता उनकी व्यक्तिगत परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
यशस्वी जायसवाल (मुंबई) और शुभमन गिल (पंजाब) ने भी अपनी-अपनी टीमों के लिए दूसरे राउंड में खेलने की पुष्टि की है। कोहली ने आखिरी बार 2012-13 में उत्तर प्रदेश के खिलाफ घरेलू क्रिकेट खेला था, जबकि रोहित 2015 में मुंबई की ओर से खेले थे। शुभमन गिल ने आखिरी बार 2022 में मध्य प्रदेश के खिलाफ रणजी मैच खेला था।
यह देखना दिलचस्प होगा कि बीसीसीआई के नए दिशा-निर्देशों के तहत खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में किस हद तक भाग लेते हैं और इसका भारतीय क्रिकेट पर कैसा प्रभाव पड़ता है।
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