
England Women Domestic Players (Photo Source: X/Twitter)
इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने लैंगिक समानता (Gender Equity) की दिशा में एक और बड़ा कदम उठा लिया है। 2025 से मेन्स और विमेंस घरेलू क्रिकेटरों को न्यूनतम शुरुआती सैलरी समान रूप से दी जाएगी। बोर्ड का यह कदम महिला काउंटी चैंपियनशिप के उद्घाटन संस्करण के साथ मेल खाता है।
यह ‘Rookie’ लेवल पर लागू होगा, जिसे पहली बार महिलाओं के खेल में शामिल किया जा रहा है और साथ ही ‘Senior Pro’ लेवल पर उन क्रिकेटरों के लिए लागू होगा, जिन्होंने खुद को पहले ही टीमों का अभिन्न हिस्सा बना लिया है।
यह महिला क्रिकेट के लिए एक और सकारात्मक कदम है- डायरेक्टर ऑफ विमेंस प्रोफेशनल गेम बैरेट-वाइल्ड
डायरेक्टर ऑफ विमेंस प्रोफेशनल गेम बैरेट-वाइल्ड ने कहा कि क्रिकेट को युवा लड़कियों के लिए भी लड़कों की तरह ही आकर्षक बनाना जरूरी है और बोर्ड द्वारा लिया गया फैसला इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही PCA डायरेक्टर ऑफ प्लेयर्स राइट्स एवं विमेंस क्रिकेट एम्मा रीड ने भी बोर्ड के इस कदम की जमकर सराहन की है।
ESPNcricinfo के अनुसार बैरेट-वाइल्ड ने कहा,
हमारे मेन्स और विमेंस प्रोफेशनल घरेलू खेल में शुरुआती सैलरी को समान करना इंग्लैंड और वेल्स में महिला क्रिकेट के लिए एक और सकारात्मक कदम है। पिछले नौ महीनों में हमने महिला घरेलू क्रिकेट की संरचना में जो बदलाव किए हैं, वे एक टिकाऊ और व्यवहार्य प्रोडक्ट बनाने के बारे में हैं जो मैदान के बाहर आकर्षक होने के साथ-साथ मैदान पर भी गुणवत्तापूर्ण हो। इसके हिस्से के रूप में, यह महत्वपूर्ण है कि हमारे खिलाड़ियों को सही सैलरी दी जाए, और क्रिकेट को न केवल महिलाओं के लिए एक व्यवहार्य करियर विकल्प के रूप में देखा जाए, बल्कि एक आकर्षक विकल्प के रूप में भी देखा जाए। हम जो भी निर्णय ले रहे हैं, वह क्रिकेट को युवा लड़कियों के लिए भी उतना ही आकर्षक खेल बनाने के बारे में है, जितना कि लड़कों के लिए। हम जानते हैं कि इस क्षेत्र में हमें अभी भी बहुत काम करना है लेकिन हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने इस रिपोर्ट के कारण लिया है फैसला
इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड द्वारा यह फैसला जून 2023 में Independent Commission for Equity in Cricket (ICEC) की रिपोर्ट को मद्देनजर रखकर लिया गया है, जिसमें इंग्लैंड के महिला क्रिकेट के सैलरी स्ट्रक्चर में मौलिक बदलाव (fundamental overhaul) की बात कही गई है।
रिपोर्ट के अनुसार इंग्लैंड की महिला क्रिकेटरों की एवरेज सैलरी मेन्स के मुकाबले सिर्फ 20.6 प्रतिशत थी। हालांकि बोर्ड ने उस आंकड़े को लगभग 30 प्रतिशत माना था और 2029 तक घरेलू स्तर पर और 2030 तक इंटरनेशनल स्तर पर वेतन समान करने का लक्ष्य निर्धारित किया। बता दें, जब रिपोर्ट सामने आई थी तब मेन्स फर्स्ट-क्लास काउंटी खिलाड़ियों की न्यूनतम सैलरी लगभग £27,500 थी।
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