

रणजी ट्रॉफी 2025-26 के सेमीफाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। वह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के इतिहास में 10,000 रन पूरे करने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए। उनसे पहले यह कारनामा केवल वसीम जाफर ने किया था। 92 साल पुराने इस घरेलू टूर्नामेंट में यह उपलब्धि बेहद खास मानी जाती है।
यह ऐतिहासिक पल 16 फरवरी को बंगाल के खिलाफ कल्याणी में खेले जा रहे सेमीफाइनल मैच के दौरान आया। जब जम्मू-कश्मीर की टीम 13 रन पर दो विकेट खो चुकी थी, तब डोगरा चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे।
शुरुआती झटकों के बाद उन्होंने संयम से खेलते हुए पारी को संभाला। उन्होंने अपनी पारी के 11वें रन के साथ 10,000 रन का आंकड़ा छू लिया। यह उनका 147वां रणजी मुकाबला था।
लंबा और सफल करियर
दाएं हाथ के बल्लेबाज डोगरा ने अपने प्रथम श्रेणी करियर की शुरुआत 2001 में हिमाचल प्रदेश से की थी। उन्होंने हिमाचल के लिए कई यादगार पारियां खेलीं और हजारों रन बनाए।
बाद में 2018 में वह पुडुचेरी टीम से जुड़े, जहां उन्होंने टीम के पहले रणजी शतकवीर बनने का गौरव हासिल किया। कई सीजन तक लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बाद वह 2024-25 सत्र से पहले जम्मू-कश्मीर टीम में शामिल हुए और कप्तानी संभाली।
इस सत्र में भी डोगरा बेहतरीन फॉर्म में हैं। वह टीम के प्रमुख रन बनाने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं और टीम को पहली बार रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।
सक्रिय खिलाड़ियों में उनके नाम सबसे ज्यादा 33 रणजी शतक दर्ज हैं। इसके अलावा उन्होंने नौ दोहरे शतक भी लगाए हैं, जो प्रतियोगिता के इतिहास में संयुक्त रूप से सर्वाधिक हैं। डोगरा की यह उपलब्धि भारतीय घरेलू क्रिकेट में उनकी मेहनत, धैर्य और निरंतरता का प्रतीक है।
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