

सूर्यकुमार यादव ने हाल ही में अपनी कप्तानी और सफलता को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि पढ़ाई में वह कभी 50-60 प्रतिशत से ज्यादा अंक नहीं ला पाए, लेकिन आज क्रिकेट में उनका जीत प्रतिशत काफी शानदार है।
गौरतलब है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर खिताब अपने नाम किया। इस जीत के पीछे टीम का मजबूत इरादा था, खासकर इसलिए क्योंकि 2023 के वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में इसी अहमदाबाद मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार मिली थी। इस बार टीम ने उसी मैदान पर ट्रॉफी जीतने का लक्ष्य रखा और उसे पूरा किया।
सूर्यकुमार यादव ने ईएसपीएन क्रिकइंफो को बताया कि 2024 में जब टीम ने खिताब जीता था, तब कप्तानी रोहित शर्मा के पास थी और टीम में विराट कोहली और रवींद्र जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ी थे। लेकिन 2026 की टीम में युवा खिलाड़ियों की संख्या ज्यादा थी, जिनमें जोश और जुनून भरपूर था।
उन्होंने कहा कि इस युवा टीम को यह समझाना जरूरी था कि अपने देश में वर्ल्ड कप जीतने का क्या महत्व होता है, जब हजारों-लाखों फैंस स्टेडियम में आपका समर्थन करते हैं। यही भावना टीम की ताकत बनी।
सूर्यकुमार को परिवार के सपोर्ट ने दिलाई सफलता
सूर्यकुमार यादव का कप्तानी रिकॉर्ड भी काफी शानदार है। उन्होंने 52 टी20 मैचों में टीम को 42 जीत दिलाई है, जो लगभग 80 प्रतिशत सफलता दर है। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह आंकड़ों पर ज्यादा ध्यान नहीं देते, लेकिन जीतना उन्हें हमेशा पसंद है।
अपने बचपन को याद करते हुए उन्होंने बताया कि उनके परिवार ने उन्हें पढ़ाई की ओर ध्यान देने के लिए काफी कोशिश की। लेकिन जल्द ही उन्हें समझ आ गया कि उनका मन पढ़ाई में नहीं लगता।
इसके बावजूद, परिवार ने उनका पूरा साथ दिया और खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। सूर्यकुमार ने कहा कि अगर परिवार का साथ नहीं होता, तो वह आज इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाते।
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