

पूर्व भारतीय सेलेक्टर रहे क्रिस श्रीकांत ने अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा का बचाव करते हुए कहा है कि उन्हें 2027 वनडे विश्व कप की योजनाओं से बाहर नहीं किया जाना चाहिए। जडेजा इस समय भारत और अफगानिस्तान के बीच चल रही वनडे सीरीज का हिस्सा नहीं हैं। हाल के महीनों में उनके प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिली, जिसके बाद चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम से बाहर रखा।
सलामी बल्लेबाज का का मानना है कि जडेजा जैसे खिलाड़ी को केवल कुछ खराब मैचों के आधार पर नहीं आंका जा सकता। उन्होंने कहा कि जडेजा वर्षों से भारतीय टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं, और उनके अनुभव की टीम को आगे भी जरूरत पड़ेगी।
पूर्व कप्तान के अनुसार, 2027 विश्व कप में भारत के ऑलराउंडर विकल्पों में जडेजा, हार्दिक पांड्या और नीतीश कुमार रेड्डी शामिल होने चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि जडेजा को अपनी जगह मजबूत करने के लिए जल्द ही बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
इस साल नहीं मिला कोई विकेट
वनडे क्रिकेट में 2026 का साल जडेजा के लिए खास नहीं रहा है। वह अब तक कोई विकेट हासिल नहीं कर पाए हैं और बल्ले से भी अपेक्षित योगदान नहीं दे सके हैं। इसी वजह से उनकी जगह को लेकर सवाल उठने लगे हैं। फिर भी श्रीकांत का कहना है कि जडेजा की प्रतिभा और मैच जिताने की क्षमता पर संदेह नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार, ऐसे खिलाड़ी बड़े टूर्नामेंटों में अक्सर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं।
रोहित शर्मा को लेकर भी दिया बड़ा बयान
श्रीकांत ने भारतीय कप्तान रोहित शर्मा का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अगर रोहित लगातार रन बनाते रहते हैं और फिट रहते हैं, तो उन्हें 2027 विश्व कप तक खेलते रहने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ महीनों में भारतीय टीम कई संयोजनों को आजमाएगी। इसके बाद अगले साल की शुरुआत तक विश्व कप के लिए संभावित खिलाड़ियों की सूची लगभग तय हो जानी चाहिए।
“यह हमारे जीवन का एक बहुत बड़ा समय है” – नेथन स्मिथ ने न्यूजीलैंड महिला टीम की कप्तान अमेलिया केर के साथ अपने रिश्ते पर की खुलकर बात
16 जून, Evening News Headlines: आज शाम तक की सभी ताजा खबरें क्रिकेट जगत से
JioStar ने रचा इतिहास! IPL 2026 की व्यूअरशिप ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, 1.2 बिलियन से अधिक लोगों तक पहुंची रीच
ENG vs NZ: केन विलियमसन की जगह कोई एक खिलाड़ी नहीं ले सकता, पूरी टीम को आगे आना होगा: रचिन रवींद्र

