

2027 आईपीएल सीजन से पहले ऋषभ पंत और कुलदीप यादव से जुड़ी हालिया जबरदस्त ट्रेड ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। इस डील के तहत पंत अपनी पुरानी टीम दिल्ली कैपिटल्स में लौट रहे हैं, जबकि बेहतरीन लेफ्ट-आर्म रिस्ट-स्पिनर कुलदीप यादव लखनऊ सुपर जायंट्स में जा रहे हैं।
इस बड़े बदलाव पर अपने विचार साझा करते हुए, भारत के पूर्व ओपनर सदागोपन रमेश ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक दिलचस्प नरिया पेश किया। उन्होंने कहा कि पंत का करियर का सफर इस बात का एक अहम लाइफ-लेसन है कि आर्थिक फायदे से ज्यादा पेशेवर खुशी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
2024 के ऑक्शन में डीसी ने पंत के लिए 21 करोड़ रुपये तक की बोली लगाई थी: रमेश
रमेश ने अपने यूट्यूब चैनल पर इस ट्रेड के बारे में बात करते हुए कहा, “डीसी कभी भी पंत को छोड़ना नहीं चाहती थी और 2024 में भी उन्हें रिलीज नहीं किया था। वे उनसे बातचीत करने और उन्हें न छोड़ने के लिए मनाने को तैयार थे। लेकिन डीसी की ओर से 20 से 25 करोड़ रुपये की पेशकश के बावजूद, पंत ज्यादा कीमत पाने के लिए नीलामी में जाने पर अड़े रहे। इसलिए उन्होंने पैसे को प्राथमिकता दी, लेकिन लखनऊ के साथ उन्हें वह खुशी नहीं मिली जिसकी उन्हें उम्मीद थी। वरना, वे लखनऊ छोड़कर दिल्ली में वापस नहीं आते।”
उन्होंने आगे कहा, “2024 के ऑक्शन में डीसी ने पंत के लिए 21 करोड़ रुपये तक की बोली लगाई थी। फिर भी, अब उन्हें वही खिलाड़ी 15 करोड़ रुपये में मिल गया है। तो, यह डीसी का एक समझदारी भरा कदम साबित हुआ है। पंत भी ऐसी स्थिति में पहुंच गए थे जहां वह हर हाल में डीसी में वापस आना चाहते थे। जब कीमत ज्यादा होती है, तो अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव बहुत बढ़ जाता है और इससे परफॉर्मेंस गिर जाती है। ऋषभ पंत के मामले से यही सीख मिलती है।”
रमेश का मानना है कि इस ट्रेड में लखनऊ को फायदा हुआ है, क्योंकि उन्हें भरोसा है कि कुलदीप हर सीजन में 15 से 20 विकेट लेंगे। हालांकि, उन्होंने इस बात पर सवाल उठाया कि क्या विकेटकीपर-बल्लेबाज हर सीजन में 450 से 500 रन बना पाएगा।
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