

मंगलवार, 1 सितंबर को अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने बीसीसीआई सिलेक्शन कमिटी को अपनी क्लास की एक और साफ झलक दिखाई। उन्होंने बंगाल के अपने साथी मुकेश कुमार के साथ मिलकर शानदार गेंदबाजी की और ईस्ट जोन को दलीप ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचाया।
बेंगलुरु में शानदार गेंदबाजी करते हुए, इस तेज गेंदबाजों की जोड़ी ने मौजूदा चैंपियन सेंट्रल जोन को हरा दिया और सेमीफाइनल के तीसरे दिन चार विकेट से मुश्किल जीत हासिल की।
शमी ने 56 रन देकर 3 विकेट लिए
अपनी दूसरी पारी में 3 विकेट पर 45 रन से आगे खेलते हुए, सेंट्रल जोन की टीम सिर्फ 158 रन पर सिमट गई। पिच पर गेंद के अलग-अलग तरह से उछलने और मूवमेंट का फायदा उठाते हुए शमी ने 56 रन देकर 3 विकेट लिए, जबकि मुकेश ने 44 रन देकर 4 विकेट चटकाते हुए मिडिल और लोअर ऑर्डर को तहस-नहस कर दिया। पूरे मैच में सात विकेट लेने वाले मुकेश को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। हर्ष दुबे और अरशद खान के बीच हुई 43 रनों की साझेदारी ने थोड़ी देर के लिए संघर्ष दिखाया, लेकिन जीत के लिए लक्ष्य 159 रनों का ही रह गया।
ईस्ट जोन की पारी की शुरुआत 15 साल के प्रतिभाशाली खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी की धमाकेदार बल्लेबाजी से हुई। संभलकर शुरुआत करने के बाद, सूर्यवंशी ने आक्रामक पलटवार किया और यश ठाकुर की गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाकर 43 गेंदों में 40 रन बनाए। अभिमन्यु ईश्वरन के साथ मिलकर उन्होंने ईस्ट जोन को शुरुआती बढ़त दिलाई।
हालांकि, सूर्यवंशी के आउट होने से मिडिल ऑर्डर अचानक लड़खड़ा गया। लेफ्ट-आर्म स्पिनर हर्ष दुबे ने लगातार दो गेंदों पर कुमार कुशाग्रा और अनुकूल रॉय को आउट करके ईस्ट जोन का स्कोर 5 विकेट पर 124 रन कर दिया।
दबाव भरी स्थिति में भी कप्तान ईशान किशन ने अपना संयम बनाए रखा। किशन ने 41 गेंदों पर 39 रन की परिपक्व और नाबाद पारी खेली और बिना किसी और नुकसान के अपनी टीम को जीत दिलाई।
इस जीत के साथ ही ईस्ट जोन ने चेपॉक में होने वाले दलीप ट्रॉफी फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है, 2012-13 में ट्रॉफी जीतने के बाद यह उनका पहला फाइनल मुकाबला होगा।
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