
Surendra Harmalkar (Pic Source-X)
सुरेंद्र हरमालकर मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के नए पार्षद बन गए हैं। उन्होंने 18 सितंबर को हुए चुनाव में दीपन मिस्त्री को हराया और इस नए पद को अपने नाम किया। बता दें कि सुरेंद्र हरमालकर को अध्यक्ष अजिंक्य नायक की Ruling पार्टी का सपोर्ट था।
जहां एक तरफ सुरेंद्र हरमालकर को 185 वोट मिले वहीं दूसरी ओर दीपन मिस्त्री को सिर्फ 95 वोट मिले। चुनाव अधिकारी ने एक वोट को अमान्य घोषित किया था। इसके अलावा 375 योग्य मतदाताओं में से केवल 286 ने मतदान किया है जिसे जुलाई और अगस्त में तीन चुनाव में सबसे कम मतदान में से एक माना गया है।
जून 2024 में राष्ट्रपति अमोल काले के निधन के बाद से MCA के तीन चुनाव हुए हैं। अजिंक्य नायक जुलाई में उपराष्ट्रपति संजय नायक को हराकर काले के बाद अध्यक्ष बने थे।
स्पोर्ट्सस्टार के मुताबिक अजिंक्य नायक ने कहा कि, ‘एक बार फिर मैदान, कार्यालय, स्कूल और कॉलेज क्लब सचिव ने इस चुनावी जीत को हासिल करने में अपना सकारात्मक प्रभाव दिखाया है। यह हमारी टीम के लिए लगातार तीसरी जीत है और हम मुंबई क्रिकेट की प्रगति और विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इस चुनाव में पुरुष और महिला खिलाड़ियों का समर्थन सही रूप से था।’
सुरेंद्र हरमालकर भी पार्षद बनकर काफी खुश है
सुरेंद्र हरमालकर ने मिड-डे को बताया कि, ‘मैं मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के साथ काफी सालों से जुड़ा हुआ हूं और मैं अलग-अलग पद में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। काफी अच्छा लग रहा है कि मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के राष्ट्रपति अजिंक्य नायक, सेक्रेटरी अभय हड़प और बाकी अधिकारियों ने मुझे सपोर्ट किया और उन्हीं की वजह से यह जीत मुमकिन हो पाई।’
हरमालकर ने सेल्स टैक्स के लिए ऑफिस क्रिकेट खेला है, यहां तक कि अखिल भारतीय सिविल सेवा क्रिकेट टूर्नामेंट में महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व भी किया है। उन्होंने हड़प की जगह ली जो सूरज सामत को हराकर सचिव बने हैं और पूर्व भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने उनका समर्थन किया था।
“भारत के बेहतरीन गेंदबाजों में से एक”: मोहम्मद शमी के टेस्ट संन्यास पर बोले पूर्व क्रिकेटर मदन लाल
ऑस्ट्रेलिया सीरीज से पहले इंग्लैंड को लगा तगड़ा झटका, चोट की वजह से ODI सीरीज से बाहर हुए जॉश टंग
BAN vs WI: सिलहट में आया तौहीद हृदोय का तूफान! 220 रनों की नाबाद पारी से तोड़े कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड
चोट के चलते SMAT से बाहर हुए हार्दिक पांड्या, भाई क्रुणाल के हाथों में बड़ौदा की कमान

